एक ऐसा दौर जब सांप्रदायिकता और जातिवाद का जहर लोगों को आपस में लडा रहा है। वेस्ट यूपी जैसे सम्पन्न माने जाने वाले इलाके में किसान आत्महत्याएं कर रहे है। तब मीडिया से लेकर समाज के सभी तबकों तक के सामने बडी चुनौती है। बहुत सी ऐसी बातें दिमाग में घूमती हैं जिन्हें अखबार में नहीं लिखा जा सकता। फेसबुक पर नहीं लिख सकता। ऐसी बातों के लिए ही यह ब्लाॅग शुरू किया है। जब भी समय मिलेग तब'तब इस ब्लाग पर कुछ सच्ची बातें लिखूंगा।
15 जून 2016, समय शाम 7 बजे
'''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''
No comments:
Post a Comment