नाराज न हो जाएं सरकार
आत्मनिर्भरता और खुशहाली की ओर! सोमवार को कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खां के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में हुए दो घंटे के शो के लिए इसी टाइटल वाले बैनर लगे थे। विश्वविद्यालय में रोजगार में सहकार और बादशाह पर हमलों की बौछार के बीच खुशहाली दिखाई जा रही तो बाहर भीषण गर्मी और उमस के बीच करीब 50 परिवारों के बच्चे और महिलाएं सड़क किनारे उनकी झुग्गियों में ही नजरबंद कर दिए गए थे।
सुबह आठ बजे से ही नगर निगम, प्रशासन और पुलिस ने आजम खां को खुशहाल मेरठ दिखाने में पूरी ताकत झोंक दी थी। विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार से इलाहाबाद बैंक तक सड़क किनारे पड़ी झुग्गियों को कनात लगाकर सुबह नौ बजे ही बंद कर दिया गया। निगम कर्मियों ने झाड़ू से पूरी सड़क साफ करके चूना डाल दिया। पुलिसवाले भी पूरे मुस्तैद रहे और यहां झुग्गियों में रहने वाले हरेक शख्स को डंडे फटकारते हुए बता दिया गया कि शाम तक जो बाहर निकला वो सीधे जेल जाएगा। कहीं उनके घर उजाड़ न दिए जाएं इस दशहत में शाम तक यहां सन्नाटा पसरा रहा। एक झुग्गी में रह रहे 65 बरस के रामपाल बस इतना ही बता पाए कि आज यहां सरकार आ रही है इसलिए पुलिसवालों ने बाहर निकलने से मना किया है। एक तरफ नाला और दूसरी तरफ सड़क पर धुआं उगलते वाहनों के बीच कनात से ढकी इन झुग्गियों में छह महीने से दस साल तक के बच्चों को तपती दुपहरी में किसी तरह कैद करके रखा गया। एक तरफ उन 251 लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं था जो जिन्हें आज घर दिए गए दूसरी तरफ नजरबंद हुए इन 50 परिवार और इन पर डंडे और बंदूक से दहशत पैदा करती पुलिस।